Adhyāya 65: Dawn Assembly, Makara–Śyena Vyūhas, and Commander Engagements
जिस समय ये दसों महारथी क्रोधमें भरकर अत्यन्त भयंकर युद्धमें लगे हुए थे, उस समय आपकी और पाण्डवोंकी सेनाके दूसरे रथी दर्शक होकर देखते थे ।। शस्त्राण्यनेकरूपाणि विसृजन्तो महारथा: । अन्योन्यमभिनर्दन्त: सम्प्रहारं प्रचक्रिरे,किंतु आपके और पाण्डवोंके वे महारथी वीर एक-दूसरेपर अनेक प्रकारके अस्त्र- शस्त्रोंकी वर्षा करते हुए गर्जते और युद्ध करते थे
śastrāṇy anekarūpāṇi visṛjanto mahārathāḥ | anyonyam abhinardantaḥ samprahāraṃ pracakrire ||
സഞ്ജയൻ പറഞ്ഞു—ആ മഹാരഥന്മാർ നാനാവിധ ശസ്ത്രങ്ങൾ പ്രയോഗിച്ചു, പരസ്പരം ഗർജിച്ചു, യുദ്ധത്തെ പൂർണ്ണമായി ഉരുക്കി മുന്നോട്ടു കൊണ്ടുപോയി.
संजय उवाच