Yuga-Lakṣaṇa and Varṣa-Pramāṇa Inquiry (युगलक्षण–वर्षप्रमाण–प्रश्न)
लावणस्य समुद्रस्य विष्कम्भो द्विगुण: स्मृत: । नानाजनपदाकीर्णो मणिविद्रुमचित्रित:,राजन! जम्बूद्वीपका विस्तार पूरे १८,६०० योजन है। इसके चारों ओर जो खारे पानीका समुद्र है, उसका विस्तार जम्बूद्वीपकी अपेक्षा दूना माना गया है। उसके तटपर तथा टापूमें बहुत-से देश और जनपद हैं। उसके भीतर नाना प्रकारके मणि और मूँगे हैं, जो उसकी विचित्रता सूचित करते हैं। अनेक प्रकारके धातुओंसे हक 5 प्रतीत होनेवाले बहुसंख्यक पर्वत उस सागरकी शोभा बढ़ाते हैं। सिद्धों तथा से भरा हुआ वह लवणसमुद्र सब ओरसे मण्डलाकार है
sañjaya uvāca |
lāvaṇasya samudrasya viṣkambho dviguṇaḥ smṛtaḥ |
nānājanapadākīrṇo maṇividrumacitritaḥ ||
ലവണസമുദ്രത്തിന്റെ വിസ്താരം (ജംബൂദ്വീപിനേക്കാൾ) ഇരട്ടിയെന്ന് പരമ്പരാഗതമായി കണക്കാക്കപ്പെടുന്നു. അത് നാനാജനപദങ്ങളാൽ നിറഞ്ഞതും മണി-വിദ്രുമങ്ങളാൽ വർണ്ണാഭമായി അലങ്കൃതവുമാണ്.
संजय उवाच