अध्याय ९ — धृतराष्ट्रस्य युधिष्ठिरं प्रति राजनित्युपदेशः
Dhṛtarāṣṭra’s Counsel on Royal Policy to Yudhiṣṭhira
अक्षौहिण्यो महाराज दशाष्टौ च समागता:,“महाराज! उस युद्धमें अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ एकत्र हुई थीं; किंतु कौरवपक्षके प्रधान योद्धा भीष्म, द्रोण, कृपाचार्य आदि तथा महामना कर्णने एवं पाण्डवदलके प्रमुख वीर सात्यकि, धृष्टद्युम्न, भीमसेन, अर्जुन, नकुल और सहदेव आदिने अठारह दिनोंमें ही सबका संहार कर डाला”
akṣauhiṇyo mahārāja daśāṣṭau ca samāgatāḥ |
വൈശമ്പായനൻ പറഞ്ഞു—മഹാരാജാവേ! ആ യുദ്ധത്തിൽ പതിനെട്ട് അക്ഷൗഹിണി സേനകൾ ഒന്നിച്ചുകൂടിയിരുന്നു।
वैशम्पायन उवाच