Guṇa-vibhāga and Prāṇa–Agni–Yoga Upadeśa (गुणविभाग तथा प्राण-अग्नि-योगोपदेश)
तमुत्तड़को महातेजा: सर्वास्त्रविदुषां वरम् । न्यवारयदमेयात्मा समासाद्य नरोत्तमम्,वे नरश्रेष्ठ नरेश सम्पूर्ण अस्त्र-शस्त्रोंके विद्वानोंमें सर्वोत्तम थे। विशाल हृदयवाले महातेजस्वी उत्तड़कने उनके पास जाकर उन्हें वनमें जानेसे रोका और इस प्रकार कहा
ແລ້ວ ອຸຕຕາດະກະ ຜູ້ມີຣັດສະມີອັນໃຫຍ່ ແລະຈິດໃຈກວ້າງໃຫຍ່ຫາຂອບເຂດບໍ່ໄດ້ ໄດ້ເຂົ້າໄປພົບບຸລຸດຜູ້ປະເສີດນັ້ນ—ຜູ້ເປັນເລີດໃນບັນດາຜູ້ຮູ້ອາວຸດທັງປວງ—ແລະໄດ້ຫ້າມບໍ່ໃຫ້ພຣະອົງເດີນເຂົ້າປ່າ ພ້ອມກ່າວດັ່ງນີ້.
मार्कण्डेय उवाच