Dambhodbhava, Nara-Nārāyaṇa, and the Counsel to Abandon Hubris
Udyoga-parva 94
सात्यकिश्व महातेजा युयुत्सुश्न महारथ: । को नु तान् विपरीतात्मा युद्धयेत भरतर्षभ,भरतश्रेष्ठ! जिस पक्षमें भीष्म, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, कर्ण, विविंशति, अअश्वत्थामा, विकर्ण, सोमदत्त, बाह्लिक, सिन्धुराज जयद्रथ, कलिंगराज, काम्बोजनरेश सुदक्षिण तथा युधिष्ठिर, भीमसेन, अर्जुन, नकुल-सहदेव, महातेजस्वी सात्यकि तथा महारथी युयुत्सु हों; उस पक्षके योद्धाओंसे कौन विपरीत बुद्धिवाला राजा युद्ध कर सकता है?
sātyakiś ca mahātejā yuyutsuś ca mahārathaḥ | ko nu tān viparītātmā yuddhayeta bharatarṣabha ||
ໄວສັມປາຍະນະ ກ່າວວ່າ: «ສາຕະຍະກິ ຜູ້ມີລັດສະໝີອັນຍິ່ງ ແລະ ຢຸຍຸດສຸ ມະຫາຣະຖີ—ໂອ ຜູ້ເປັນດັ່ງງົວຜູ້ປະເສີດໃນວົງບາຣະຕະ! ກະສັດຜູ້ໃດທີ່ມີປັນຍາບິດເບືອນ ຈຶ່ງຈະເລືອກທຳສົງຄາມຕໍ່ຕ້ານຄົນເຊັ່ນນັ້ນ?»
वैशम्पायन उवाच