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Shloka 18

धृतराष्ट्रस्य बलाबलचिन्ता

Dhṛtarāṣṭra’s Appraisal of Strength and Preference for Śama

युद्धायावस्थितं पार्थ पार्थिवैरतिमानुषै: । अशक्यं नरशार्दूलं पराजेतुमरिंदमम्‌,“जिसके पास उत्तम एवं दुर्धर्ष दिव्य गाण्डीव धनुष है, वरुणके दिये हुए बाणोंसे भरे दो दिव्य अक्षय तूणीर हैं, जिसका दिव्य वानरध्वज कहीं भी अटकता नहीं है--धूमकी भाँति अप्रतिहत गतिसे सर्वत्र जा सकता है, समुद्रपर्यन्त समूची पृथ्वीपर जिसके रथकी समानता करनेवाला दूसरा कोई रथ नहीं है, जिसके रथका घर्घर शब्द सब लोगोंको महान्‌ मेघोंकी गर्जनाके समान सुनायी पड़ता है तथा वज्रकी गड़गड़ाहटके समान शत्रुसैनिकोंके मनमें भयका संचार कर देता है, जिसे सब लोग अलौकिक पराक्रमी मानते हैं, समस्त राजा भी जिसे युद्धमें देवताओंतकको पराजित करनेमें समर्थ समझते हैं, जो पलक मारते-मारते पाँच सौ बाणोंको हाथमें लेता, छोड़ता और दूरस्थ लक्ष्योंको भी मार गिराता है; किंतु यह सब करते समय कोई भी जिसे देख नहीं पाता है; जिसके विषयमें भीष्म, द्रोण, कृपाचार्य, अश्व॒त्थामा, मद्रराज शल्य तथा तटस्थ मनुष्य भी ऐसा कहते हैं कि युद्धके लिये खड़े हुए शत्रुदमन नरश्रेष्ठ अर्जुनको पराजित करना अमानुषिक शक्ति रखनेवाले भूमिपालोंके लिये भी असम्भव है। जो एक वेगसे पाँच सौ बाण चलाता है तथा जो बाहुबलमें कार्तवीर्य अर्जुनके समान है; इन्द्र और विष्णुके समान पराक्रमी उस महाथनुर्धर पाण्डुनन्दन अर्जुनको मैं इस महासमरमें शत्रु-सेनाओंका संहार करता हुआ-सा देख रहा हूँ

vaiśampāyana uvāca |

yuddhāyāvasthitaṃ pārtha pārthivair atimānuṣaiḥ |

aśakyaṃ naraśārdūlaṃ parājētum ariṃdamam ||

ໄວສັມປາຍະນະ ກ່າວວ່າ: «ໂອ ປາຣຖະ! ແມ່ນແຕ່ບັນດາກະສັດຜູ້ມີພະລັງເກີນມະນຸດ ກໍບໍ່ອາດຊະນະ ‘ເສືອໃນຫມູ່ມະນຸດ’ ອາຣຊຸນະ ຜູ້ປະຫານສັດຕູ ຜູ້ຢືນພ້ອມເພື່ອສົງຄາມໄດ້»។

युद्धायfor battle
युद्धाय:
Sampradana
TypeNoun
Rootयुद्ध
FormNeuter, Dative, Singular
अवस्थितम्standing/posted (ready)
अवस्थितम्:
Karma
TypeAdjective
Rootअवस्था (अव + √स्था)
FormMasculine, Accusative, Singular, क्त (past passive participle)
पार्थO Partha (Arjuna)
पार्थ:
Adhikarana
TypeNoun
Rootपार्थ
FormMasculine, Vocative, Singular
पार्थिवैःby kings
पार्थिवैः:
Karana
TypeNoun
Rootपार्थिव
FormMasculine, Instrumental, Plural
अतिमानुषैःof superhuman (might)
अतिमानुषैः:
Karana
TypeAdjective
Rootअतिमानुष
FormMasculine, Instrumental, Plural
अशक्यम्impossible (to do)
अशक्यम्:
Karma
TypeAdjective
Rootअशक्य
FormMasculine, Accusative, Singular, यत् (potential/gerundive sense: 'not possible to')
नरशार्दूलम्the tiger among men (hero)
नरशार्दूलम्:
Karma
TypeNoun
Rootनरशार्दूल
FormMasculine, Accusative, Singular
पराजेतुम्to defeat
पराजेतुम्:
Karma
TypeVerb
Rootपराजि (परा + √जि)
Formतुमुन् (infinitive)
अरिंदमम्enemy-subduing
अरिंदमम्:
Karma
TypeAdjective
Rootअरिंदम
FormMasculine, Accusative, Singular

वैशम्पायन उवाच

V
Vaiśampāyana
P
Pārtha (Arjuna)
P
pārthivāḥ (kings/rulers)