Bhīṣma’s Dream-Counsel and the Prasvāpa Astra (भीष्मस्वप्नदर्शनम् / प्रस्वापास्त्रोपदेशः)
ततोऊ<हं राममासाद्य ववन्दे भृशविक्षत: । रामश्नाभ्युत्स्मयन् प्रेमणा मामुवाच महातपा:,तदनन्तर मैंने परशुरामजीके पास जाकर उनके चरणोंमें प्रणाम किया। उस समय मेरा शरीर बहुत घायल हो गया था। महातपस्वी परशुराम मुझे देखकर मुसकराये और प्रेमपूर्वक इस प्रकार बोले--
ຈາກນັ້ນ ຂ້ອຍໄດ້ເຂົ້າໄປຫາ ຣາມ (ປາຣະຊຸຣາມ) ແລະກໍກົ້ມກາບທີ່ພຣະບາດຂອງທ່ານ. ໃນເວລານັ້ນ ຮ່າງກາຍຂອງຂ້ອຍບາດເຈັບຢ່າງໜັກ. ມະຫາຕະປະສີ ປາຣະຊຸຣາມ ເຫັນຂ້ອຍແລ້ວຍິ້ມ ແລະເວົ້າດ້ວຍຄວາມຮັກວ່າ—
भीष्म उवाच