भीष्म–रामयुद्धवर्णनम्
Bhīṣma’s Account of the Strategic Engagement with Rāma Jāmadagnya
त एव मां महाराज स्वप्रदर्शनमेत्य वै | परिवारयत्रिवन् वाक्य तन्निबोध कुरूद्गबह,राजेन्द्र! ऐसी प्रार्थना करके बाणोंसे क्षत-विक्षत हुआ मैं रात्रिके अन्तमें प्रभातके समय दाहिनी करवटसे सो गया। महाराज! कुरुश्रेष्ठ! तत्पश्चात् जिन ब्राह्मणशिरोमणियोंने रथसे गिरनेपर मुझे थाम लिया और उठाया था तथा “डरो मत” ऐसा कहकर सान्त्वना दी थी, उन्हीं लोगोंने मुझे सपनेमें दर्शन दे मेरे चारों ओर खड़े होकर जो बात कही थी, उसे बताता हूँ, सुनो--
ta eva māṃ mahārāja svapradarśanam etya vai | parivārya trivan vākyaṃ tan nibodha kurūdgvaha ||
ພີດສະມະກ່າວວ່າ: «ໂອ ມະຫາຣາຊາ, ພຣາຫມັນລະດັບມະຫາລິສີເຫຼົ່ານັ້ນເອງ ໄດ້ມາປາກົດໃນຄວາມຝັນ ເປີດເຜີຍຕົນ ແລະຢືນລ້ອມຮອບຂ້າ. ບັດນີ້ ໂອ ຜູ້ເປັນເລີດໃນວົງກຸຣຸ, ຈົ່ງຟັງຖ້ອຍຄໍາທີ່ພວກເຂົາເວົ້າ»។
भीष्म उवाच