भीष्म–रामयुद्धवर्णनम्
Bhīṣma’s Account of the Strategic Engagement with Rāma Jāmadagnya
इदमस्त्र सुदयितं प्रत्यभिज्ञास्यते भवान् | विदितं हि तवाप्येतत् पूर्वस्मिन् देहधारणे,“भारत! यह प्रस्वाप नामक अस्त्र है, जिसके देवता प्रजापति हैं। विश्वकर्माने इसका आविष्कार किया है। यह तुम्हें भी परम प्रिय है। इसकी प्रयोगविधि तुम्हें स्वतः ज्ञात हो जायगी; क्योंकि पूर्वशरीरमें तुम्हें भी इसका पूर्ण ज्ञान था। परशुरामजी भी इस अस्त्रको नहीं जानते हैं। इस पृथ्वीपर कहीं किसी भी पुरुषको इसका ज्ञान नहीं है
idam astra sudayitaṁ pratyabhijñāsyate bhavān | viditaṁ hi tavāpy etat pūrvasmin dehadhāraṇe |
ພີດສະມະກ່າວວ່າ: «ອາວຸດນີ້ ອັນເປັນທີ່ຮັກຍິ່ງຂອງເຈົ້າ, ເຈົ້າຈະຈື່ຈໍາໄດ້ດ້ວຍຕົນເອງ. ແທ້ຈິງແລ້ວ ມັນກໍເປັນທີ່ຮູ້ແກ່ເຈົ້າດ້ວຍ, ເພາະໃນການຖືກກາຍກ່ອນໜ້າ ເຈົ້າເຄີຍຮູ້ມັນຢ່າງຄົບຖ້ວນ.»
भीष्म उवाच