राजधर्मः—प्रजापालनं दानयज्ञश्च
Royal Duty—Protection of Subjects, Generosity, and Sacrificial Discipline
अनु त्वां तात जीवन्तु सुहदद: साधुभि: सह । पर्जन्यमिव भूतानि स्वादुद्रुममिव द्विजा:,तात! जैसे सब प्राणी मेघके और पक्षी स्वादिष्ठ फलवाले वृक्षके सहारे जीवन-निर्वाह करते हैं, उसी प्रकार साधु पुरुषोंसहित समस्त सुहृदगण तुम्हारे आश्रयमें रहकर अपनी जीविका चलावें
ພີດສະມະກ່າວວ່າ: “ລູກເອີຍ, ເຊັ່ນດຽວກັບສັດທັງຫຼາຍດໍາລົງຊີວິດໂດຍອາໄສຝົນ, ແລະນົກທັງຫຼາຍອາໄສຕົ້ນໄມ້ທີ່ມີຜົນຫວານອັນໂອຊາ—ດັ່ງນັ້ນເຊັ່ນກັນ ບັນດາມິດສະຫາຍທັງປວງ ພ້ອມດ້ວຍຄົນດີ ຈົ່ງດໍາລົງຊີວິດໂດຍອາໄສເຈົ້າ.”
भीष्य उवाच