Daṇḍanīti and the King as the Cause of Yuga-Order (दण्डनीतिः राजधर्मश्च युगकारणत्वम्)
ओऔषधानि च सर्वाणि मूलानि च फलानि च | चतुर्विधांश्व वैद्यान् वै संगृहल्लीयाद् विशेषत:,सब प्रकारके औषध, मूल, फूल तथा विषका नाश करनेवाले, घावपर पट्टी करनेवाले, रोगोंको निवारण करनेवाले और कृत्याका नाश करनेवाले--इन चार प्रकारके वैद्योंका विशेष रूपसे संग्रह करे
ພີສະມະກ່າວວ່າ: ຄວນກັກຕຸນຢາທຸກຊະນິດ ທັງຮາກຢາ ແລະ ໝາກຢາ ໄວ້ໂດຍພິເສດ. ອີກທັງພຶງຮວບຮວມແພດ (vaidya) ສີ່ປະເພດໄວ້ເປັນພິເສດ: ຜູ້ແກ້ພິດ, ຜູ້ພັນແຜແລະຮັກສາບາດແຜ, ຜູ້ບໍາບັດໂລກ, ແລະຜູ້ທໍາລາຍອາຖັນ/ຄຸນໄສອັນຮ້າຍ.
भीष्म उवाच