तस्माद् बुभूषुर्नियतो जितात्मा नियतेन्द्रिय: । मेधावी स्मृतिमान् दक्ष: संश्रयेत महीपतिम्,इसलिये अपनी उन्नतिकी इच्छा रखनेवाला, मेधावी, स्मरणशक्तिसे सम्पन्न एवं कार्यदक्ष मनुष्य नियमपूर्वक रहकर मन और इन्द्रियोंको संयममें रखते हुए राजाका आश्रय ग्रहण करे
ດັ່ງນັ້ນ ຜູ້ປາດຖະນາຄວາມເຈີຣິນກ້າວໜ້າ ຄວນຢູ່ດ້ວຍວິໄນ ຊະນະຕົນເອງ ແລະຄວບຄຸມອິນຊີ ເປັນຜູ້ມີປັນຍາ ມີຄວາມຈື່ຈຳດີ ແລະຊ່ຽວຊານໃນວຽກ ຈຶ່ງຄວນເຂົ້າໄປພຶ່ງພາພະມະຫາກະສັດ.
वसुमना उवाच