राजधर्मप्रश्नः — Yudhiṣṭhira’s Inquiry into Rājadharma (Śānti-parva 56)
ऋषीणामपि राजेन्द्र सत्यमेव परं धनम् । तथा राज्ञां परं सत्यान्नान्यद् विश्वासकारणम्,राजेन्द्र! ऋषियोंके लिये भी सत्य ही परम धन है। इसी प्रकार राजाओंके लिये सत्यसे बढ़कर दूसरा कोई ऐसा साधन नहीं है, जो प्रजावर्गमें उसके प्रति विश्वास उत्पन्न करा सके
ໂອ ພຣະຣາຊາເອນທຣະ! ສໍາລັບພວກຣິສີແມ່ນແຕ່ “ສັດຈະ” ເທົ່ານັ້ນເປັນຊັບອັນສູງສຸດ. ແລະສໍາລັບພຣະຣາຊາທັງຫຼາຍ ກໍບໍ່ມີສິ່ງໃດເກີນສັດຈະທີ່ຈະເຮັດໃຫ້ປະຊາຊົນເກີດຄວາມເຊື່ອໃຈໄດ້.
भीष्म उवाच