अध्याय २९४ — योगलक्षणम् तथा सांख्यपरिसंख्यानम्
Yoga Definition and Sāṃkhya Enumeration
उस असुरके मारे जानेपर सब मनुष्य प्रकृतिस्थ हो गये तथा उन्हें पूर्ववत् वेद और शास्त्रोंका ज्ञान हो गया ।। ततो<5भिषिच्य राज्येन देवानां दिवि वासवम् । सप्तर्षयश्चान्वयुज्जन् नराणां दण्डधारणे,तत्पश्चात् सप्तर्षियोंने इन्द्रको स्वर्गमें देवताओंके राज्यपर अभिषिक्त किया और वे स्वयं मनुष्यके शासन-कार्यमें लग गये
tato 'bhiṣicya rājyena devānāṃ divi vāsavam | saptarṣayaś cānvayujjan narāṇāṃ daṇḍadhāraṇe ||
ຕໍ່ມາ ພວກສັບຕະຣິສີໄດ້ປະກອບພິທີອະພິເສກ ວາສະວະ (ອິນທຣະ) ໃນສະຫວັນ ໃຫ້ເປັນຈອມອົງຂອງເທວະທັງຫຼາຍ; ແລ້ວພວກເຂົາກໍໄດ້ຫັນໄປຮັບພາລະກິດຮັກສາວິໄນໃນຫມູ່ມະນຸດ—ຖືການປົກຄອງແລະການລົງໂທດ ເພື່ອໃຫ້ລະບຽບແລະທຳມະດຳລົງຢູ່.
पराशर उवाच