पापात्म-धर्मात्म-लक्षणम् तथा निर्वेदेन मोक्षमार्गः | Marks of the Sinful and the Righteous; Dispassion (Nirveda) as a Path to Liberation
गाथाश्षाप्यब्रवीद् विद्वान् गौतमो मुनिसत्तम: । चिरकारिषु धीरेषु गुणोद्देशसमाश्रया:,तदनन्तर दिद्वान् मुनिश्रेष्ठ गौतमने कुछ गाथाएँ गायीं। चिरकालतक सोच-विचारकर काम करनेवाले धीर पुरुषोंमें जो गुण होते हैं, उनसे सम्बन्ध रखनेवाली वे गाथाएँ इस प्रकार हैं--
ຕໍ່ຈາກນັ້ນ ພຣະມຸນີຜູ້ປະເສີດ ໂຄຕະມະ ຜູ້ຮູ້ທັນ ໄດ້ຂັບຮ້ອງຄາຖາບາງບົດ. ຄາຖາເຫຼົ່ານັ້ນອາໄສການກ່າວເຖິງຄຸນທຳຂອງຜູ້ກ້າຫານຜູ້ກະທຳການດ້ວຍການຄິດພິຈາລະນາຍາວນານ—ດັ່ງນີ້:
भीष्म उवाच