बक-गौतमाख्यानम् / The Baka–Gautama Account
On Gratitude and Friendship Ethics
पतत्रिमृगमीनाश्च प्लवड्राश्न महोरगा: । तथा पक्षिगणा: सर्वे जलस्थलविचारिण:,उन्हीं कन््याओंसे समस्त प्राणी, देवता, पितर, गन्धर्व, अप्सरा, नाना प्रकारके राक्षस, पशु, पक्षी, मत्स्य, वानर, बड़े-बड़े नाग, जल और स्थलमें विचरनेवाले सब प्रकारके पक्षिगण, उद्भिज्ज, स्वेदज, अण्डज और जरायुज प्राणी उत्पन्न हुए। तात! इस प्रकार सम्पूर्ण स्थावर-जड़म जगत् उत्पन्न हुआ
patatrimṛgamīnāś ca plavaḍrāśn mahoragāḥ | tathā pakṣigaṇāḥ sarve jalasthalavicāriṇaḥ ||
ພີສະມະກ່າວວ່າ: «ນົກ, ສັດປ່າ, ແລະປາ; ສັດນ້ຳ ແລະງູໃຫຍ່; ພ້ອມທັງຝູງນົກທັງປວງທີ່ເຄື່ອນໄຫວລະຫວ່າງນ້ຳແລະບົກ—ທັງໝົດນີ້ໄດ້ອອກມາໃນການກໍ່ກຳເນີດ»។
भीष्म उवाच