Daṇḍa-svarūpa-nirūpaṇa
The Nature, Forms, and Function of Daṇḍa
यस्मिन्नर्थे हितं॑ यत् स्यात् तद्धर्ण रूपमादिशेत् | बहुरूपस्य राज्ञो हि सूक्ष्मो5प्यर्थों न सीदति,जिस कार्यके लिये जो हितकर हो, उसमें वैसा ही रूप प्रकट करे (उदाहरणके लिये अपराधीको दण्ड देते समय उग्र रूप और दीनोंपर अनुग्रह करते समय शान्त एवं दयालु रूप प्रकट करे)। इस प्रकार अनेक रूप धारण करनेवाले राजाका छोटा-सा कार्य भी बिगड़ने नहीं पाता है
yasminn arthe hitaṃ yat syāt tad dharma-rūpam ādiśet | bahu-rūpasya rājño hi sūkṣmo 'py artho na sīdati ||
ພີສະມະ ກ່າວວ່າ: «ໃນການງານໃດກໍຕາມ ຖ້າສິ່ງໃດເປັນປະໂຫຍດແທ້ ກະສັດຄວນນໍາສະເໜີມັນໃນ “ຮູບ” ຂອງທຳມະ—ເອົາທ່າທີທີ່ເໝາະກັບປະໂຫຍດນັ້ນ. ສໍາລັບກະສັດຜູ້ມີຫຼາຍຮູບແບບຕາມຄວາມເໝາະສົມ ແມ່ນແຕ່ເລື່ອງລະອຽດນ້ອຍກໍບໍ່ລົ້ມເຫຼວ: ເມື່ອລົງໂທດຄວາມຜິດ ຈົ່ງເຂັ້ມງວດ; ເມື່ອຄຸ້ມຄອງແລະອຸປະຖຳຜູ້ທຸກຍາກ ຈົ່ງອ່ອນໂຍນ».
भीष्म उवाच