उपायधर्म-सेनायोगः
Upāya-dharma and Senāyoga: Expedient Ethics & Army Deployment
न संनिपाते प्रदरं वर्ध॑ वा कुर्युरीदृशा: । आत्मानं च स्वपक्षं च पालयन् हन्ति संयुगे,क्योंकि ऐसे डरपोक मनुष्य घमासान युद्धमें शत्रुओंको न तो तितर-बितर करके भगा सकते हैं और न उनका वध ही कर सकते हैं। शूरवीर पुरुष ही युद्धमें अपनी और अपने पक्षके सैनिकोंकी रक्षा करता हुआ शत्रुओंका संहार कर सकता है
na sannipāte pradaraṁ vardha vā kuryur īdṛśāḥ | ātmānaṁ ca svapakṣaṁ ca pālayan hanti saṁyuge ||
ພີດສະມະ ກ່າວວ່າ: «ຄົນແບບນັ້ນ ໃນຄວາມແອອັດຂອງສົງຄາມ ບໍ່ອາດທຳລາຍແຖວຂອງສັດຕູໃຫ້ແຕກກະຈາຍ ຫຼືຂ້າພວກເຂົາໄດ້ຢ່າງແທ້ຈິງ. ມີແຕ່ນັກຮົບຜູ້ກ້າຫານ ຜູ້ປົກປ້ອງຕົນເອງແລະຝ່າຍຂອງຕົນ ຈຶ່ງສາມາດທຳລາຍສັດຕູໃນການປະຈັນໜ້າໄດ້»
भीष्म उवाच