प्रादुरासीन्महान् शब्द: शराणां नतपर्वणाम् | फिर तो जैसे बादल पानीकी धारा बरसाता है, उसी प्रकार शत्रुओंको संताप देनेवाले अर्जुन युद्धस्थलमें सैकड़ों पैने बाणोंकी वर्षा करते हुए रथके द्वारा आगे बढ़े। उस समय झुकी हुई गाँठवाले बाणोंका महान् शब्द प्रकट होने लगा
ແລ້ວກໍເກີດສຽງກັງວານໃຫຍ່ຈາກລູກສອນທີ່ມີຂໍ້ງໍ້ມ. ດັ່ງເມກຝົນປ່ອຍສາຍນ້ຳລົງມາ, ອາຈຸນ—ຜູ້ເຮັດໃຫ້ສັດຕູຮ້ອນຮົນ—ໄດ້ພອຍລູກສອນແຫຼມນັບຮ້ອຍເປັນຝົນ ແລະ ຂັບລົດສົງຄາມບຸກໄປຂ້າງໜ້າໃນສະໜາມຮົບ.
संजय उवाच