त्रयोदशं च सजने अज्ञाता: परिवत्सरम् | ज्ञाताश्न पुनरन्यानि वने वर्षाणि द्वादश,“और बारह वर्ष वहाँ रहेंगे एवं तेरहवाँ वर्ष हम जनसमूहमें लोगोंसे अज्ञात रहकर पूरा करेंगे और यदि हम तेरहवें वर्षमें लोगोंकी जानकारीमें आ जायाँ तो फिर दुबारा बारह वर्ष वनमें रहेंगे
trayodaśaṃ ca sajane ajñātāḥ parivatsaram | jñātāś ca punaḥ anyāni vane varṣāṇi dvādaśa ||
ໄວສັມປາຍະນະ ກ່າວວ່າ: «ແລະປີທີສິບສາມ ພວກເຮົາຈະຢູ່ທ່າມກາງຜູ້ຄົນໂດຍບໍ່ໃຫ້ຜູ້ໃດຮູ້ຈັກ. ແຕ່ຖ້າໃນປີທີສິບສາມນັ້ນ ຖືກຄົ້ນພົບ ກໍຈະຕ້ອງເຂົ້າປ່າອີກ ອີກສິບສອງປີ»។
वैशम्पायन उवाच