Previous Verse
Next Verse

Shloka 2

नारदेन दिव्यसभाः कथितुं प्रतिज्ञा

Nārada’s Prelude to Describing the Divine Assemblies

युधिछिर उवाच भगवन्‌ न्याय्यमाहैतं यथावद्‌ धर्मनिश्चयम्‌ । यथाशक्ति यथान्यायं क्रियते5यं विधिर्मया,युधिष्ठिर बोले--भगवन्‌! आपने जो यह राजधर्मका यथार्थ सिद्धान्त बताया है, वह सर्वथा न्यायोचित है। मैं आपके इस न्यायानुकूल आदेशका यथाशक्ति पालन करता हूँ

ຢຸທິສຖິຣະ ກ່າວວ່າ: ຂ້າແຕ່ພຣະອົງຜູ້ນ່າເຄົາລົບ, ພຣະອົງໄດ້ກ່າວຖືກຕ້ອງຕາມຄວາມເປັນຈິງ ເຖິງຫຼັກຕັດສິນແຫ່ງຣາຊະທັມ; ມັນຊອບທຳຢ່າງຍິ່ງ. ຂ້າພະເຈົ້າຈຶ່ງປະພຶດຕາມຄຳສັ່ງອັນສອດຄ່ອງກັບຄວາມຍຸດຕິທຳນີ້ ຕາມກຳລັງ ແລະຕາມທຳນຽມອັນຖືກຕ້ອງ.

युधिछिर उवाच