Samrāt-Lakṣaṇa and the Counsel to Check Jarāsandha (सम्राट्-लक्षणं जरासन्ध-प्रतिबाधा-परामर्शः)
दन्तवक्र: करूषश्नु करभो मेघवाहन: । मूर्ध्ना दिव्यमर्णिं बिश्रद् यमद्भुतमर्णिं विदु:,करूषदेशका राजा दन्तवक्र, करभ और मेघवाहन--ये सभी सिरपर दिव्य मणिमय मुकुट धारण करते हुए भी जरासंधको अपने मस्तककी अद्भुत मणि मानते हैं (अर्थात् उसके चरणोंमें सिर झुकाते रहते हैं)
ດັນຕະວັກຣະ ກະສັດແຫ່ງກະຣູສ, ກະຣະພະ ແລະ ເມກະວາຫະນະ—ທັງໝົດນີ້ ແມ່ນແມ່ນວ່າຈະສວມມົງກຸດມະນີອັນທິບຢູ່ເທິງສີສະ ແຕ່ກໍຍັງນັບຖືມະນີອັນອັດສະຈັນເທິງສີສະຂອງ ຈະຣາສັນທະ ເປັນມະນີທີ່ສູງສຸດ ແລະກໍນ້ອມສີສະລົງຢູ່ທີ່ພຣະບາດຂອງເຂົາເຈົ້າຢູ່ເນື່ອງໆ.
श्रीकृष्ण उवाच