सम॑ प्रमथ्याशु परान् समन्ततः शरोत्तमैर्द्घादशभिश्न सूतजम् | यह देख अर्जुनने उनके धनुष, तरकस, ध्वज, घोड़े, रथ और सारथि--इन सबको अपने बाणोंद्वारा एक साथ ही प्रमथित करके चारों ओर खड़े हुए शत्रुओंको शीघ्र ही बींध डाला और सूत॒पुत्र कर्णपर भी बारह बाणोंका प्रहार किया
ເມື່ອເຫັນເຊັ່ນນັ້ນ ອາຣຈຸນໄດ້ໃຊ້ລູກສອນຂອງຕົນ ທຳລາຍຄັນທະນູ, ກະຕ່າລູກສອນ, ທຸງ, ມ້າ, ລົດຮົບ ແລະສາຣະຖີ—ທັງໝົດໃນຄາວດຽວ—ແລ້ວກໍຈິ້ມທະລຸສັດຕູທີ່ຢືນລ້ອມຢູ່ຮອບດ້ານຢ່າງວ່ອງໄວ; ຍັງໄດ້ປະທານລູກສອນ 12 ດອກໃສ່ ກັນນະ ບຸດແຫ່ງສູຕະ ອີກດ້ວຍ.
संजय उवाच