Aśvatthāman’s Arrow-Screen and the Confrontation with Yudhiṣṭhira (द्रौणि–युधिष्ठिर-संग्रामः)
विद्धि मामास्थितं वृत्तं पौरूरवसमुत्तमम् । शल्य! तुम यह जान लो कि मैं धृतराष्ट्रके पुत्रोंकी रक्षाके लिये वैरियोंका वध करनेके लिये उद्यत हो राजा पुरूरवाके उत्तम- चरित्रका आश्रय लेकर युद्धभूमिमें डटा हुआ हूँ ।। ५० है || न तद् भूतं प्रपश्यामि त्रिषु लोकेषु मद्रप
ໂອ ຊັລຍະ ຊາວມັດຣະ! ຈົ່ງຮູ້ໄວ້ວ່າ ຂ້ອຍຍຶດເອົາຈັນຍາອັນສູງສຸດຂອງພຣະຣາຊາປູຣູຣະວະເປັນແນວທາງ ແລະຍືນຢູ່ໃນສະໜາມຮົບ ເພື່ອປົກປ້ອງບຸດຂອງທຣິຕຣາສະຕຣະ ແລະເພື່ອຂ້າສັດຕູ. ແລະໃນສາມໂລກນີ້ ຂ້ອຍບໍ່ເຫັນສິ່ງໃດ…
कर्ण उवाच