Karṇa-parva Adhyāya 19 — Saṃśaptaka–Trigarta Assault and Aindra-astra Counter
विरथान् रथिनश्रषक्रे गजानश्वांश्न भारत । गजान् बहुभिरानर्छच्छरै: संनतपर्वभि:,भारत! उसने बहुत-से रथियोंको रथहीन कर दिया, हाथीसवारों और घुड़सवारोंके हाथी और घोड़े मार डाले तथा झुकी हुई गाँठवाले बहुसंख्यक बाणोंद्वारा कितने ही हाथियोंको अत्यन्त पीड़ित कर दिया
ໂອ ພາຣະຕະ! ລາວເຮັດໃຫ້ນັກຮົບລົດຮົບຫຼາຍຄົນກາຍເປັນຜູ້ບໍ່ມີລົດ, ສັງຫານຊ້າງແລະມ້າຂອງພວກຂີ່ຊ້າງແລະຂີ່ມ້າ, ແລະດ້ວຍລູກສອນຈຳນວນຫຼາຍທີ່ມີປົກງໍ້ລົງ ລາວໄດ້ທຳໃຫ້ຊ້າງຫຼາຍຕົວເຈັບປວດຢ່າງຫນັກ.
संजय उवाच