अध्याय ९१ — शैनेयस्य गजानीकभेदनं जलसंधवधश्च
Chapter 91: Sātyaki breaks the elephant array and slays Jalasaṃdha
यथा मध्यन्दिने सूर्यो दुष्प्रेक्ष्य: प्राणिभि: सदा । तथा धनंजय: क्रुद्धो दुष्प्रेक्ष्यो युधि शत्रुभि:,जैसे दोपहरके सूर्यकी ओर देखना समस्त प्राणियोंके लिये सदा ही कठिन होता है, उसी प्रकार उस युद्धस्थलमें कुपित हुए अर्जुनकी ओर शत्रुलोग बड़ी कठिनाईसे देख पाते थे
ສັນຊະຍາໄດ້ກ່າວວ່າ: ເຫມືອນດວງອາທິດໃນຍາມທ່ຽງວັນ ທີ່ສັດທັງຫຼາຍມອງໄດ້ຢ່າງຍາກເສມອ, ດັ່ງນັ້ນໃນສະໜາມຮົບ ດະນັນຊະຍະ (ອາຈຸນ) ເມື່ອໂກດກໍກາຍເປັນຜູ້ທີ່ສັດຕູມອງບໍ່ກ້າ ແລະມອງໄດ້ຢ່າງລຳບາກຍິ່ງ.
संजय उवाच