Abhimanyu-śravaṇa-prastāva and Cakravyūha-vinyāsa
Prelude to Abhimanyu’s Account and the Wheel-Formation Deployment
संजय उवाच यन्मां पृच्छसि राजेन्द्र सौभद्रस्य निपातनम् | तत् ते कार्त्स्न्येन वक्ष्यामि शूणु राजन् समाहित:,संजयने कहा--राजेन्द्र! आप जो मुझसे सुभद्राकुमारके मारे जानेका वृत्तान्त पूछ रहे हैं, वह सब मैं आपको पूर्णरूपसे बताऊँगा। राजन्! आप एकाग्रचित्त होकर सुनें
ສັນຈະຍະ ກ່າວວ່າ: «ໂອ ພະຣາຊາຜູ້ເປັນໃຫຍ່, ທ່ານຖາມຂ້າພະເຈົ້າເຖິງເຫດການທີ່ບຸດຂອງນາງ ສຸພັດຣາ ຖືກສັງຫານ; ຂ້າພະເຈົ້າຈະເລົ່າໃຫ້ທ່ານຟັງໂດຍຄົບຖ້ວນ. ໂອ ພະຣາຊາ, ຂໍໃຫ້ທ່ານຟັງດ້ວຍໃຈທີ່ຈົ່ງຈອງ»
संजय उवाच