अजुन उवाच संग्रामे न्यहनं शत्रून् शरौघैर्विमलैरहम् । अग्रतो लक्षये यान्तं पुरुषं पावकप्रभम्,अर्जुन बोले--महर्षे! जब मैं अपने निर्मल बाणोंद्वारा शत्रु-सेनाका संहार कर रहा था, उस समय मुझे दिखायी दिया कि एक अग्निके समान तेजस्वी पुरुष मेरे आगे-आगे चल रहे हैं
ອາຣະຈຸນ (Arjuna) ກ່າວວ່າ: “ໂອ ມະຫາຣິສິ, ໃນສົງຄາມ ເມື່ອຂ້າພະເຈົ້າກໍາລັງປະຫານສັດຕູດ້ວຍຝົນລູກສອນອັນບໍລິສຸດ, ຂ້າພະເຈົ້າເຫັນບຸລຸດຜູ້ໜຶ່ງສ່ອງສະຫວ່າງດັ່ງໄຟ ເດີນນໍາໜ້າຂ້າພະເຈົ້າໄປ.”
अजुन उवाच