भीष्म-युधिष्ठिर-संमर्दः
Bhīṣma’s Pressure on Yudhiṣṭhira; Śikhaṇḍī’s Approach; Evening Withdrawal
अद्य कुन्त्या: परिक्लेशं वनवासं च कृत्स्नश: । द्रौपद्याश्न परिक्लेशं प्रणेष्यामि हते त्वयि,“माता कुन्तीको जो क्लेश उठाना पड़ा है, हमने वनवासका जो कष्ट भोगा है और सभामें द्रौषयदीको जो अपमानका दुःख सहन करना पड़ा है, उन सबका बदला आज मैं तेरे मारे जानेपर चुका लूँगा
«ມື້ນີ້ ເມື່ອເຈົ້າຖືກສັງຫານ, ຂ້ອຍຈະຊໍາລະຄວາມທຸກທໍລະມານທັງໝົດ—ທັງຄວາມລໍາບາກຂອງແມ່ກຸນຕີ, ຄວາມທຸກໃນການຢູ່ປ່າ, ແລະຄວາມເຈັບປວດຈາກການຖືກຫຍັບຫຍາມຂອງດຣໍປະດີໃນສະພາ».
संजय उवाच