संजय उवाच क्षयं मनुष्यदेहानां गजवाजिरथक्षयम् । शृणु राजन् स्थिरो भूत्वा तवैवापनयो महान्,संजयने कहा--राजन्! उस युद्धमें मानवशरीरोंका भारी संहार हुआ है। हाथी, घोड़े और रथोंका भी विनाश देखा गया है। वह सब आप स्थिर होकर सुनिये। यह आपके ही महान् अन्यायका फल है
ສັນຊະຍະ ກ່າວວ່າ: «ຂໍພຣະອົງກະສັດ! ໃນສົງຄາມນັ້ນ ມີການລົ້ມຕາຍຂອງມະນຸດຢ່າງໜັກ. ຊ້າງ ມ້າ ແລະລົດຮົບກໍຖືກທຳລາຍ. ຂໍພຣະອົງຟັງໂດຍຈິດໃຈໝັ້ນຄົງ. ນີ້ແມ່ນຜົນຂອງຄວາມອະທຳອັນໃຫຍ່ຂອງພຣະອົງເອງ»។
संजय उवाच