Kṣetra–Kṣetrajña-Jñāna–Jñeya-Viveka
Field, Knower, Knowledge, and the Knowable
सम्बन्ध-- अब अपनी प्रतिज्ञाके अनुसार भगवान् बीसवेंसे उनतालीसवें #लोकतक पहले अपनी विशभ्ूूतियों-का वर्णन करते हैं-- अहमात्मा गुडाकेश” सर्वभूताशयस्थित: । अहमादिदश्नव मध्यं च भूतानामन्त एव च,हे अर्जुन! मैं सब भूतोंके हृदयमें स्थित सबका आत्मा हूँ तथा सम्पूर्ण भूतोंका आदि, मध्य और अन्त भी मैं ही हूँ
aham ātmā guḍākeśa sarvabhūtāśayasthitaḥ | aham ādiś ca madhyaṃ ca bhūtānām anta eva ca ||
ໂອ ກຸດາເກຊະ (ອາຣຊຸນ), ເຮົາແມ່ນອາດຕະມາ ຜູ້ສະຖິດຢູ່ໃນດວງໃຈຂອງສັດທັງປວງ; ເຮົາແມ່ນທັງຕົ້ນ, ທັງກາງ, ແລະທັງທ້າຍ ຂອງສັດທັງຫມົດ.
अजुन उवाच