चित्रकार्मुकनिस्त्रिंशौ चित्रवर्मायुधध्वजौ । रेजतुश्रित्ररूपौ तौ संग्रामे मत्स्यसैन्धवौ,उस संग्राममें मत्स्यराज और सिन्धुराज दोनोंके ही धनुष और खडग विचित्र थे। दोनोंने विचित्र कवच, आयुध और ध्वज धारण किये थे। वे दोनों ही विचित्र रूप धारण करके बड़ी शोभा पा रहे थे
ໃນສົງຄາມນັ້ນ ກະສັດແຫ່ງມັດສະຍະ ແລະ ກະສັດແຫ່ງສາຍນທະວະ ທັງສອງມີຄັນທະນູ ແລະ ດາບອັນວິຈິດພິສົດ. ພວກເຂົາສວມເກາະ, ຖືອາວຸດ ແລະ ຊູທຸງທີ່ວິຈິດງາມ; ທັງຄູ່ປານດັ່ງຮູບລັກອັນພິເສດ ສ່ອງສະຫວ່າງໃນສະໜາມຮົບ.
संजय उवाच