Adhyāya 107 — बहुयुद्धप्रकरणम्
Multiple Defensive Engagements to Protect Bhīṣma
अवलष्लुत्य ततो वाहाद् बाह्लीक: पुरुषोत्तम: । आरुरोह रथं तूर्ण लक्ष्मणस्य महारणे,महाराज! नरश्रेष्ठ बाह्नीक बड़ी घबराहटमें पड़ गये। उनका जीवन अत्यन्त संशयमें पड़ गया। उस अवस्थामें वे रथसे कूदकर शीघ्र ही उस महायुद्धमें लक्ष्मणके रथपर आरूढ़ हो गये
sañjaya uvāca | avalaṣlutya tato vāhād bāhlīkaḥ puruṣottamaḥ | āruroha rathaṃ tūrṇaṃ lakṣmaṇasya mahāraṇe mahārāja ||
ສັນຊະຍາກ່າວວ່າ: ຕໍ່ມາ ບາຫລີກະ ຜູ້ເປັນຍອດຂອງບຸລຸດ ໄດ້ໂດດລົງຈາກພາຫະນະຂອງຕົນ ແລະໃນການປະທະອັນໃຫຍ່ນັ້ນ ໄດ້ຂຶ້ນສູ່ລົດຮົບຂອງລັກສະມະນະຢ່າງວ່ອງໄວ, ຂ້າແຕ່ພະຣາຊາ.
संजय उवाच