भीष्मवधोपाय-प्रश्नः (Inquiry into the means to overcome Bhīṣma) | Chapter 103
विकिरञ्शरवर्षाणि वारिधारा इवाम्बुद: | न शेकुः समरे क्रुद्धं सौभद्रमरिसूदनम्,जैसे बादल जलकी धारा बरसाता है, उसी प्रकार वह बाणोंकी वृष्टि कर रहा था। जैसे वाराहरूपधारी भगवान् विष्णुने महासागरमें प्रवेश किया था, उसी प्रकार शत्रुसूदन सुभद्राकुमार समरमें कुपित हो शस्त्रोंके प्रवाहसे युक्त कौरवोंके अक्षय सैन्यसमुद्रमें प्रवेश कर रहा था। कुरुनन्दन! उस समय आपके सैनिक उसे युद्धमें रोक न सके
sañjaya uvāca |
vikirāñ śaravarṣāṇi vāridhārā ivāmbudaḥ |
na śekuḥ samare kruddhaṃ saubhadram arisūdanam ||
ສັນຊະຍະກ່າວວ່າ: “ເຂົາກະຈາຍຝົນລູກສອນດັ່ງເມກທີ່ຫຼົ່ນສາຍຝົນລົງມາເປັນທາງ. ໂອ ຜູ້ສືບສາຍກຸຣຸ, ບຸດຂອງສຸພັດຣາ—ຜູ້ປະຫານສັດຕູ—ເມື່ອໂກດກ້າ ກ້າວໜ້າໃນສະໜາມຮົບ; ນັກຮົບຂອງທ່ານບໍ່ອາດຂັດຂວາງເຂົາໃນການປະລະມືໄດ້.”
संजय उवाच