द्रोणेन दुर्योधनस्य कवचबन्धनम् — Drona’s Mantra-Bound Armor for Duryodhana
छिन्नप्ररोहणं दुग्धं पात्रमौदुम्बरं शुभम् । उस समय गोरूपधारिणी पृथ्वी वात्सल्य-स्नेहसे परिपूर्ण हो बछड़े, दुहनेवाले और दुग्धपात्रकी इच्छा करती हुई खड़ी हो गयी। वनस्पतियोंमेंसे खिला हुआ शालवृक्ष बछड़ा हो गया। पाकरका पेड़ दुहनेवाला बन गया। गूलर सुन्दर दुग्धपात्रका काम देने लगा। कटनेपर पुन: पनप जाना यही दूध था
chinnaprarohaṇaṃ dugdhaṃ pātram audumbaraṃ śubham |
ನಾರದನು ಹೇಳಿದರು—ಕತ್ತರಿಸಿದರೂ ಮತ್ತೆ ಮೊಳೆಯುವುದೇ ಹಾಲಾಗಿತ್ತು; ಆ ಹಾಲಿಗೆ ಶುಭವಾದ ಪಾತ್ರೆ ಉದುಂಬರದ (ಅತ್ತಿ) ಪಾತ್ರೆಯಾಗಿತ್ತು।
नारद उवाच