मेरोर्दिग्वर्णनम् / Digvarṇana of Meru: Uttara-Kuru, Bhadrāśva, and Jambūdvīpa Motifs
देवा वैकुण्ठमित्याहुर्नरा विष्णुमिति प्रभुम्,“फिर वही सबकी सृष्टि करता है। यहाँ कुछ भी सदा स्थिर रहनेवाला नहीं है। भगवान् नर और नारायण समस्त प्राणियोंके सुहृद् एवं सर्वज्ञ हैं। देवता उन्हें वैकुण्ठ और मनुष्य उन्हें शक्तिशाली विष्णु कहते हैं!
devā vaikuṇṭham ity āhur narā viṣṇum iti prabhum |
ದೇವರುಗಳು ಆ ಪ್ರಭುವನ್ನು ‘ವೈಕುಂಠ’ ಎಂದು ಕರೆಯುತ್ತಾರೆ; ಮನುಷ್ಯರು ಅವನನ್ನು ಪರಾಕ್ರಮಶಾಲಿ ‘ವಿಷ್ಣು’ ಎಂದು ಹೇಳುತ್ತಾರೆ.
वैशम्पायन उवाच