उद्योगपर्व — धृतराष्ट्रस्य दुर्योधनप्रति शक्तिस्मारक-उपदेशः
Udyoga Parva 63: Dhṛtarāṣṭra’s Counsel Reminding Duryodhana of Opponent Strength
शाकुनिक उवाच पाशमेकमुभावेतौ सहितौ हरतो मम । यत्र वै विवदिष्येते तत्र मे वशमेष्यत:,व्याध बोला--मुने! ये दोनों पक्षी आपसमें मिल गये हैं, अतः मेरे एकमात्र जालको लिये जा रहे हैं। अब ये जहाँ-कहीं एक दूसरेसे झगड़ेंगे, वहीं मेरे वशमें आ जायँगे
អ្នកចាប់បក្សីបានឆ្លើយថា៖ «មុនីអើយ! បក្សីទាំងពីរនេះបានរួមគ្នា ហើយកំពុងយកសំណាញ់តែមួយរបស់ខ្ញុំទៅ។ តែពេលណាដែលពួកវាចាប់ផ្តើមវិវាទគ្នា នៅទីនោះហើយ ពួកវានឹងធ្លាក់ចូលក្រោមអំណាចខ្ញុំ»។
शाकुनिक उवाच