ययातिदौहित्रपुण्यसमुच्चयः | Yayāti and the Grandsons’ Consolidation of Merit
चतुरो5पश्यत नृपस्तेषां मध्ये पपात ह । जंगम प्राणियोंमें श्रेष्ठ ययाति गिरते समय अपनी गतिके विषयमें चिन्ता कर रहे थे। इसी समय उन्होंने नैमिषारण्यमें चार श्रेष्ठ राजाओंको देखा और उन्हींके बीचमें वे गिरने लगे
caturān apaśyan nṛpas teṣāṁ madhye papāta ha |
នារ៉ទៈបាននិយាយថា៖ ព្រះមហាក្សត្រ បានឃើញអ្នកគ្រប់គ្រងបួនរូប ហើយបានធ្លាក់ចុះមកក្នុងចំណោមពួកគេ។
नारद उवाच