Mantri-Parīkṣā — Testing Ministers, Securing Counsel, and Ethical Criteria for Advisers (अध्याय ८४)
विधर्मतो विप्रकृत: पिता यस्याभवत् पुरा | सत्कृतः स्थापित: सो5पि न मन्त्र श्रोतुमहति,जिसके पिताको अधर्माचरणके कारण पहले अपमानपूर्वक निकाल दिया गया हो और उसका वह पुत्र सम्मानपूर्वक पिताके पदपर प्रतिष्ठित कर दिया गया हो, तो वह भी गुप्त सलाह सुननेका अधिकारी नहीं है
អ្នកណាដែលឪពុករបស់គាត់ កាលពីមុន ត្រូវបានបណ្តេញចេញដោយការប្រមាថ ព្រោះប្រព្រឹត្តអធម៌; ហើយកូនប្រុសនោះ ទោះត្រូវបានគេគោរព និងតាំងឡើងជំនួសឪពុកក្នុងតំណែងក៏ដោយ—ក៏មិនសមស្របស្តាប់មន្ត្រីយោបល់សម្ងាត់ដែរ។
भीष्म उवाच