दानपात्रापात्र-निर्णयः / Determining Worthy Gifts, Recipients, and Permissible Food
तत् प्रयाणं महाबाहोर्ब भूवाप्रतिमं भुवि | आकुलाकुलमुत्त्ुष्टं हृष्टपुष्टजनाकुलम्,महाबाहु युधिष्ठिरकी यह सामूहिक यात्रा (जुलूस) इस भूतलपर अनुपम थी। उसमें हृष्ट-पुष्ट मनुष्य भरे हुए थे। भीड़-पर-भीड़ बढ़ती चली जाती थी और बड़े जोरसे जयघोष एवं कोलाहल हो रहा था
ឱ មហាបាហុ! ដំណើរជាក្បួនធំរបស់យុធិស្ឋិរ មានភាពអស្ចារ្យឥតប្រៀបលើផែនដី។ ក្នុងនោះពោរពេញដោយមនុស្សរឹងមាំរីករាយ; ហ្វូងមនុស្សកាន់តែច្រើនឡើងៗ ហើយសម្លេងជ័យឃោសន៍ និងកូឡាហលក៏លាន់ឮខ្លាំង។
वैशम्पायन उवाच