शुकस्य योगसिद्धिः (Śuka’s Yogic Attainment and Ascent)
तपसा वा सुमहता कर्मणा वा श्रुतेन वा । रसायनप्रयोगैर्वा कैर्नाप्रोति जरान्तकौ,वह गुरुतर तपस्या करके, महान् कर्मोका अनुष्ठान करके, वेद-शास्त्रोंका अध्ययन करके अथवा नाना प्रकारके रसायनोंका प्रयोग करके किन उपायोंद्वारा जरा और मृत्युको प्राप्त नहीं होता है?
«តើដោយតបស្យាដ៏ធ្ងន់ធ្ងរ ដោយការប្រព្រឹត្តកិច្ចធម៌ដ៏អស្ចារ្យ ដោយការសិក្សាវេដ និងសាស្ត្រ ឬដោយការប្រើប្រាស់រាសាយណៈ (ឱសថបំប៉ន) នានា—ដោយវិធីណាខ្លះ ទើបមិនទៅដល់ជរា និងមរណភាព?»
युधिछिर उवाच