Guru’s Instruction on Dream, Mind, Guṇas, and Knowing Brahman
Svapna–Manas–Guṇa–Brahma-vicāra
अपन क्ाा बछ। आर: नवाधिकद्विशततमो< ध्याय: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान्की स्तुति युधिछिर उवाच पितामह महाप्राज्ञ युधि सत्यपराक्रम । श्रोतुमिच्छामि कार्त्स्न्येन कृष्णमव्ययमी श्वरम्,युधिष्ठिरने पूछा--युद्धमें सच्चा पराक्रम प्रकट करनेवाले महाप्राज्ञ पितामह! भगवान् श्रीकृष्ण अविनाशी ईश्वर हैं; मैं पूर्णरूपसे इनके महत्त्वका वर्णन सुनना चाहता हूँ
Yudhiṣṭhira uvāca—Pitāmaha mahāprājña yudhi satya-parākrama, śrotum icchāmi kārtsnyena Kṛṣṇam avyayam īśvaram.
យុធិષ્ઠិរៈបានទូលថា៖ «ឱ ពិតាមហៈ អ្នកមានប្រាជ្ញាខ្ពង់ខ្ពស់ និងបង្ហាញវីរភាពពិតក្នុងសមរភូមិ—ខ្ញុំប្រាថ្នាស្តាប់ដោយពេញលេញអំពីមហិមារបស់ ព្រះក្រឹષ્ણ (Kṛṣṇa) ព្រះអម្ចាស់អមតៈ មិនរលាយបាត់»។
युधिछिर उवाच