Vyāghra–Gomāyu Saṃvāda (व्याघ्रगोमायु संवाद) — Testing Character Beneath Appearances
ततो विज्ञातचरित: सत्कृत्य स विमोक्षित: । परिष्वक्तश्न सस्नेहं मृगेन्द्रेण पुनः: पुन:,इससे शेरको सियारकी सच्चरित्रताका पता चल गया और उसने उसका सत्कार करके उसे इस अभियोगसे मुक्त कर दिया। इतना ही नहीं, मृगराजने स्नेहपूर्वक बारंबार अपने सचिवको गलेसे लगाया
ដោយហេតុនេះ សិង្ហបានដឹងច្បាស់ពីសុចរិតភាពរបស់ចចក។ វាបានទទួលស្គាល់ និងគោរពសរសើរគាត់ ហើយដោះលែងគាត់ពីបទចោទនោះ។ មិនតែប៉ុណ្ណោះ ម្ចាស់សត្វទាំងឡាយបានអោបមន្ត្រីរបស់ខ្លួនដោយសេចក្តីស្នេហា ម្តងហើយម្តងទៀត។
भीष्म उवाच