Kṛtavarmā–Sātyaki Chariot Duel and Kaurava Morale Shock (कृतवर्म-सात्यकि-द्वैरथम्)
(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ श्लोक मिलाकर कुल ७१ “लोक हैं।) #स्न्ैमा+ () अिन्मनन- विशो< ध्याय: धृष्टद्युम्नद्वारा राजा शाल्वके हाथीका और सात्यकिद्धारा राजा शाल्वका वध संजय उवाच संनिवृत्ते जनौघे तु शाल्वो म्लेच्छगणाधिप: । अभ्यवर्तत संक्रुद्ध: पाण्डवानां महद् बलम्,संजय कहते हैं--राजन्! जब कौरवपक्षका जनसमूह पुनः युद्धके लिये लौट आया, उस समय म्लेच्छोंका राजा शाल्व अत्यन्त क्रुद्ध हो मदकी धारा बहानेवाले, पर्वतके समान विशालकाय, अभिमानी तथा ऐरावतके सदृश शत्रुसमुदायका संहार करनेमें समर्थ एक महान् गजराजपर आखरूढ़ हो पाण्डवोंकी विशाल सेनाका सामना करनेके लिये आया
sañjaya uvāca | sannivṛtte janaughe tu śālvo mlecchagaṇādhipaḥ | abhyavartata saṅkruddhaḥ pāṇḍavānāṃ mahad balam ||
សញ្ជ័យបាននិយាយ៖ ព្រះរាជា! នៅពេលហ្វូងយោធានៃភាគកೌរវៈបានត្រឡប់មកសង្គ្រាមម្តងទៀត នោះសាល្វៈ មេដឹកនាំកងម្លេច្ឆៈ ដោយកំហឹងខ្លាំង បានចេញមុខទៅប្រឈមនឹងកម្លាំងដ៏ធំរបស់ពណ្ឌវៈ។
संजय उवाच