Śalya–Yudhiṣṭhira Duel and the Discharge of the Śakti (शल्यवधप्रसङ्गः)
साश्व॒सूतध्वजरथान् रथिन: पातयन् बहून् अक्रीडदेको बलवान् पवनस्तोयदानिव,जैसे प्रबल वायु मेघोंको छिन्न-भिन्न करती हुई उनके साथ खेलती है, उसी प्रकार बलवान युधिष्ठिर अकेले ही घोड़े, सारथि, ध्वज और रथोंसहित बहुत-से रथियोंको धराशायी करते हुए उनके साथ खेल-सा करने लगे
គាត់បានបាញ់ឲ្យដួលរលំរថសឹកជាច្រើន—រួមទាំងសេះ អ្នកបើករថ ទង់ និងរថ—ហើយអ្នកមានកម្លាំងគឺយុធិષ્ઠិរ តែម្នាក់ឯង ក៏លេងសង្គ្រាមដូចជាខ្យល់ខ្លាំងលេងជាមួយពពក បំបែកវាឲ្យខ្ទេចខ្ទី។
संजय उवाच