अध्याय ९ — दुर्योधनस्य अन्त्यावस्था, विलापः, तथा सौप्तिक-प्रतिवृत्तम्
Duryodhana’s Final Condition, Lamentation, and the Night’s Report
यो<यं मूर्धाभिषिक्तानामग्रे यात: परंतप: । स हतो ग्रसते पांसून् पश्य कालस्य पर्ययम्,जो ये शत्रुसंतापी नरेश सभी मूर्धाभिषिक्त राजाओंके आगे चला करते थे, वे ही आज मारे जाकर धरतीपर पड़े-पड़े धूल फाँक रहे हैं। यह समयका उलट-फेर तो देखो
yo ’yaṁ mūrdhābhiṣiktānām agre yātaḥ parantapaḥ | sa hataḥ grasate pāṁsūn paśya kālasya paryayam ||
អ្នកដែលធ្លាប់ដើរនាំមុខព្រះមហាក្សត្រដែលបានអភិសេកទាំងឡាយ ជាអ្នកដុតបំផ្លាញសត្រូវ—ឥឡូវនេះ ត្រូវសម្លាប់ហើយ ដេកលើដី លេបធូលី។ ចូរមើលការប្រែប្រួលដែលកាលវេលាបង្កើតឡើង។
कृप उवाच