परंतु जैसे सूर्य अपनी किरणोंद्वारा अन्धकारको नष्ट कर देता है, उसी प्रकार पाण्डुपुत्र अर्जुनने आकाशमें सब ओर फैली हुई उस बाणवर्षाको छिन्न-भिन्न कर डाला ।। ततो म्लेच्छा: स्थिता मत्तैस्त्रयोदशशतैर्गजै: । पार्श्वतो व्यहनन् पार्थ तव पुत्रस्य शासनात्,तब आपके पुत्र दुर्योधनकी आज्ञासे म्लेच्छसैनिक तेरह सौ मतवाले हाथियोंके साथ आ पहुँचे और पार्श्वभागमें खड़े हो अर्जुनको घायल करने लगे
tato mlecchāḥ sthitā mattaiḥ trayodaśaśatair gajaiḥ | pārśvato vyahanan pārtha tava putrasya śāsanāt ||
សញ្ជ័យបាននិយាយ៖ បន្ទាប់មក តាមព្រះបញ្ជារបស់កូនប្រុសអ្នក គឺទុរយោធនៈ កងទ័ពម្លេច្ឆាបានមកដល់ជាមួយដំរីមួយពាន់បីរយ ដែលកំពុងឆ្កួតដោយរដូវមាត់ (rut-maddened)។ ពួកគេឈរនៅខាងចំហៀង ហើយវាយប្រហារលើបារថៈ ដើម្បីធ្វើឲ្យអរជុនរងរបួស។
संजय उवाच