कर्णस्य सेनापत्याभिषेकः | Karṇa’s Consecration as Commander-in-Chief
निज जा | पी ॥ #* +<€<< षष्ठो5 ध्याय: कौरवोंद्वारा मारे गये प्रधान-प्रधान पाण्डव-पक्षके वीरोंका परिचय धृतराष्ट्र रवाच आख्याता मामकास्तात निहता युधि पाण्डवै: । हतांश्व पाण्डवेयानां मामकैरब्रहि संजय,धृतराष्ट्रने कहा--तात संजय! तुमने युद्धमें पाण्डवोंद्वारा मारे गये मेरे पक्षके वीरोंके नाम बताये हैं। अब मेरे योद्धाओं द्वारा मारे गये पाण्डव-योद्धाओंका परिचय दो
dhṛtarāṣṭra uvāca | ākhyātā māmākās tāta nihatā yudhi pāṇḍavaiḥ | hatāṁś ca pāṇḍaveyānāṁ māmākair brūhi sañjaya ||
ធೃತរाष्ट्रបានមានព្រះបន្ទូលថា៖ «សញ្ជ័យជាទីស្រឡាញ់! អ្នកបានប្រាប់ខ្ញុំរួចហើយអំពីឈ្មោះវីរបុរសខាងខ្ញុំដែលត្រូវបណ្ឌវៈសម្លាប់ក្នុងសង្គ្រាម។ ឥឡូវនេះ សញ្ជ័យ ចូរប្រាប់ខ្ញុំថា វីរបុរសខាងបណ្ឌវៈណាខ្លះ ត្រូវបានយោធារបស់ខ្ញុំសម្លាប់»។
संजय उवाच