सिच्यमानो वसौधैस्तै: प्राणिनां देहनि:सृतैः । प्रजज्वालाथ सोडर्चिष्मान् स्वनादै: पूरयञज्जगत्,सुखदायिनी शीतल हवा चलने लगी। सूर्यमण्डल स्वाभाविक स्थितिमें दिखायी देने लगा। अग्निदेव प्रतीकारशून्य होनेके कारण बहुत प्रसन्न हुए और अनेक रूपोंमें प्रकट हो प्राणियोंके शरीरसे निकली हुई वसाके समूहसे अभिषिक्त होकर बड़ी-बड़ी लपटोंके साथ प्रजजलित हो उठे। उस समय अपनी आवाजसे वे सम्पूर्ण जगत्को व्याप्त कर रहे थे
sicyamāno vasūdhaiḥ taiḥ prāṇināṃ deha-niḥsṛtaiḥ | prajajvālātha so 'rcīṣmān svanādaiḥ pūrayañ jagat ||
វៃសម្បាយនៈបាននិយាយ៖ ព្រះអគ្គិដ៏ភ្លឺរលោង ត្រូវបានស្រោចដោយស្ទ្រីមខ្លាញ់ដែលហូរចេញពីរាងកាយសត្វមានជីវិត ហើយបានឆេះឡើងយ៉ាងសាហាវ។ ដោយសំឡេងគំហុករបស់ទ្រង់ ព្រះអគ្គិបានបំពេញពិភពលោកទាំងមូល—ជារូបភាពនៃអំណាចបំផ្លាញដែលគ្មានអ្វីអាចទប់ទល់បាន នៅពេលគ្មានវិធានការប្រឆាំងនៅសល់។
वैशम्पायन उवाच