और्वकृत-क्रोधाग्नि-निग्रहः
Aurva’s Containment of the Wrath-Fire
अस्या नूनं विशालाक्ष्या: सदेवासुरमानुषम् । लोकं निर्मथ्य धात्रेदं रूपमाविष्कृतं कृतम्,वे सोचने लगे, निश्चय ही ब्रह्माने देवता, असुर और मनुष्योंसहित सम्पूर्ण लोकोंके सौन्दर्य-सेन्धुको मथकर इस विशाल नेत्रोंवाली किशोरीके इस मनोहर रूपका आविष्कार किया होगा
ព្រះអង្គគិតថា៖ «មែនហើយ ព្រះធាតា (ព្រះព្រហ្ម) បានកូរច្របល់យកសារសោភ័ណ្យនៃលោកទាំងមូល—ទាំងទេវតា អសុរ និងមនុស្ស—ហើយទើបបង្កើតរូបសោភ័ណ្យនេះឡើង សម្រាប់កុមារីភ្នែកធំទូលាយនេះ»។
गन्धर्व उवाच